क्या योगी उत्तर प्रदेश में फिर से सरकार बना सकते हैं?

इस सवाल का जवाब इतना आसान नहीं होगा फिर भी मै आपको इसका जवाब देने का प्रयास कर रहा हू। 
इस सवाल का जवाब देने के लिए अलग अलग चीजों को समझना पड़ेगा। इसके लिए हम कुछ पॉइंट के साथ बताते है। 


१  बीजेपी का विधान सभा में वोटो  का हिस्सा कितना होता है 

बीजेपी का लोकशभा और विधानसभा के वोटो में बहुत अंतर होता है। बीजेपी को २०१९ लोकसभा में लगभग ४९% फीसदी वोट मिले थे जब कि २०१७ विधान शभा  में लगभग ३८% फीसदी वोट मिले तो। इस प्रकार हम कह सकते है की बीजेपी को विधानसभा चुनाव में हराना आसान हो जाता है। जब २०१७ के चुनाव बीजेपी की नजर से देखे तो बहुत आसान था तो उस समय बीजेपी को ३८%वोट मिले थे तो अब तो वोट उससे कम मिलेंगे इसको कोई नकार नहीं सकता। तो ये दावा बीजेपी का कमजोर है। 

२  जातीय समीकरण 

जातीय समीकरण को देखे तो वो भी इस समय बीजेपी के पक्ष में जाता नहीं दिख रहा क्यों की एक तरफ किसान और दूसरी तरफ ब्राह्मण वोट भी बीजेपी से दूर जाता नजर आ रहा है तो कुल मिलाकर ये चीज भी बीजेपी के अगेंस्ट में जाती है। 

३  ५ साल की सरकार का विरोध 

हमेशा से सत्ता पक्ष को इस पॉइंट पर नुकसान ही होता है। फिर भी अगर योगी ने बहुत अच्छा काम किया होगा तो भी वोट बढ़ेंगे नहीं २०१७ से। तो यँहा भी बीजेपी कमजोर नजर आ रही है। 

४  आंतरिक कलह 

इस बार बीजेपी को आंतरिक कलह से भी गुजरना पड़ रहा है वो भी बीजेपी का दावा कमजोर करता है। 

५  मोदी की घटती लोकप्रियता 

मोदी का भी कार्यकाल ८ वर्ष से चल रहा है जिससे उसका भी विरोध है। और साथ में बढ़ती मॅहगाई  ये कारण भी बीजेपी के विरुद्ध जाता दिख रहा है 

६ प्रियंका गाँधी की बढ़ती लोकप्रियता 

पिछले १ -२ साल से प्रियंका गाँधी लगातार सक्रिए होने के कारण ब्राह्मण वोट भी बीजेपी से छिटक सकता है। 

७ चुनाव का कुछ कहा नहीं जा सकता 

वैसे चुनाव का कुछ कहा नहीं जा सकता क्यों की कई बार चुनाव एन मोके पर घूम जाता है। 
मेने इस क्वेश्चन का जवाब दिया मेरी बीजेपी से कोई दुश्मनी नहीं है मैंने ताज़ा हालातो को देखते हुए लिखा कल को ये सारे समीकरण बदल भी सकते है तो मेने इस समय वर्तमान प्रिसिस्थिति को देखते हुए जवाब दिया है। 

Comments

Popular posts from this blog